PFI के ठिकानों पर देशभर में NIA और ED के छापे, जानें क्या है वजह

PFI के ठिकानों पर देशभर में NIA और ED के छापे, जानें क्या है वजह

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, असम सहित 10 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े स्थानों पर छापेमारी कर रही है. NIA ने हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा में PFI मुख्यालय को सील कर दिया है. NIA, ED, पैरामिलिट्री ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्यालय को सील किया है. इस बड़ी कार्रवाई में NIA, ED ने राज्य पुलिस के साथ PFI के 100 से अधिक कैडरों को गिरफ्तार किया है. 

केरल में NIA और ED ने मलप्पुरम जिले के मंजेरी में PFI अध्यक्ष OMA सलाम के घर पर छापेमारी की. इस दौरान PFI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. PFI कार्यालयों सहित जिला स्तर के नेताओं के घरों पर भी छापेमारी की गई. 

सबसे अधिक गिरफ्तारी केरल (22) में हुई, उसके बाद महाराष्ट्र (20) और कर्नाटक (20) से, आंध्र प्रदेश से 5, असम से 9, दिल्ली से 3, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी से 3, तमिल नाडु से 10, उत्तर प्रदेश से 8 और राजस्थान से 2 गिरफ्तारियां हुईं. 

क्यों हुई कार्रवाई

NIA की इस कार्रवाई के तहत कथित तौर पर आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और चरमपंथी समूहों में शामिल होने के लिए दूसरों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. ED भी PFI से जुड़े पैसों के लेन-देन के मामलों की जांच कर रही है. इसी जांच के सिलसिले में ताजा छापेमारी की जा रही है.

आतंकवाद विरोधी एजेंसी NIA ने मंगलवार (20 सितंबर) को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 38 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाने के बाद अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत चार पीएफआई पदाधिकारियों को आरोपी बनाया था. 

PFI क्या है?

केरल की राजनीतिक पार्टी ‘नेशनल डेवलपमेंट फंड’ (NDF), तमिलनाडु की मनिथा निथि पसाराई’ और ‘कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी’ का 22 नवम्बर 2006 को विलय हो गया था, जिससे ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी PFI का जन्म हुआ. आधिकारिक तौर पर इस संगठन की स्थापना 17 फरवरी 2007 को हुई थी. 

ये संगठन अपने गठन के बाद से ही विवादों में रहा है. इसके खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और दो धर्मों के बीच नफरत फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. अभी कुछ पहले ही बिहार में भी इसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी. 

संगठन का एक राजनीतिक मोर्चा भी है, जिसे ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है. इस पार्टी का रजिस्ट्रेशन 2010 में कराया गया था. 

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